Saturday, 7 March 2026

सावित्रीबाई

कुछ लठैतों को हमला करते देख 🙄
सावित्री बाई फुले - 🤯कौन हो तुम हमें क्यों मार रहे हो?
ज्योतिबा फुले - चीख़ते हुए😡 ये वही हैं जिनके बच्चों को पढ़ाने के लिए परंपरा वादियों से विरोध कर लिये हैं हम लोग।
लठैत 😠 - लाठी भांजते हुए मर विधर्मी!
लाठी के वार को बचाते हुए- 🖐️जो तुम्हारे बच्चों को पढ़ने नहीं देना चाहते तुम उनकी कही मानकर हमें मारना चाहते हो। 
दूसरा लठैत 😠 - अरी कलंकिनी तू भी मर!

थर्राती हुई गंभीर आवाज में सावित्रीबाई फुले-☝️ पढ़ लिख कर तुम्हारे बच्चे भी आफीसर👮 बन सकते हैं।
एक लठैत को अपने बच्चे👩‍💻 का फर्राटे से किताब पढ़ लेना याद आ जाता है और उसके हाथ थम जाते हैं। 🙋मन भर आता है।🤦 लाठी छूट जाती है। अन्य साथी लठैत भी ज्योतिबा सावित्री के सामने पढ़ाई के महत्व को समझ जाते हैं।🕵️
कह उठते हैं-🙏🙏 ज्योतिबा जगाये भाग्य।🙏🙏

गोतमरामहेत 22-04-2022

चारों तरफ लोग खचाखच भरे हुए थे।,👥
एक लड़की किसी को टकटकी लगाकर निहार रही थी।🙆
पदरी 🎅 पास आकर लो कुछ खाओगी।🌮
लड़की 🤦 गर्दन हिलाते हुए - नहीं।
पादरी 🎅 तो क्या खिलौने चाहिए।
लड़की 🤦 गर्दन हिलाते हुए - नहीं।
पादरी 🎅 
लड़की 🤦 
पादरी 🎅 तो क्या देख रही हो किताब।
लड़की 🤦 झेंप जाती है।
पादरी 🎅 लो पढ़ो।
लड़की 🤦 नहीं पढ़ पाती।
पादरी 🎅 ले जाओ सीख लेना पढ़ना।
लड़की 🤦 किताब हाथों में लेकर चित्र देखती है।
                 अक्षरों पर अंगुलियां फेरती हुई सोचती है। लड़कियों का पढ़ना तो पाप है।
छुपाकर और छुपते छुपाते घर आकर कपड़ों में छुपा देती है।
कुछ दिनों बाद बाद बाल विवाह हो जाता है। 
ससुराल में बक्से से निकाल कर सोच रही होती है कि सुना है स्वामी पढ़ते हैं। इन्हीं से पूछ लेती हूं कि क्या लिखा है इसमें? 
सोच में पड़ी हुई वह 
वार-वार निकालती ओर रख लेती।
ज्योतिबा 👳 क्या छुपा रही हो? 
सावित्री 🤦डरते हुए कुछ भी तो नहीं।
ज्योतिबा 👳 लेते हुए दिखाओ तो।
सावित्री 🤦मौन।
ज्योतिबा 👳 क्या है ये?
सावित्री 🤦डरते हुए पूछना है कि क्या लिखा है?
ज्योतिबा 👳 तुम्हीं पढ़ लो।
सावित्री 🤦डरते हुए पढ़ना भी तो नहीं आता।
ज्योतिबा 👳 मुस्कुरा कर 😊 आओ मैं सिखाता हूं  तुम्हें पढ़ना।👩‍💻
सावित्री 🙎 हंसते हुए हां अब मैं भी मास्टरनी बनूंगी।🤱

दोनों पढ़ने में खो जाते हैं।

🙏🙏🙏🙏🙏

गौतम रामहेत20-04-2022