सत्य और असत्य की समझ विवेक है। लौकिक और पारलौकिक भोग-विलास का त्याग ही विरक्ति होती है। दुश्मनी का अभाव अर्थात् प्रेम व बन्धुत्व ही शाश्वत सत्य है, और वैरभाव ही अशाश्वत व असत्य है। इसीलिए आंबेडकर ने असत्य और अशाश्वत सिद्धांत को अग्नि में समर्पित कर दिया।।rg
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