TATHAGAT
Wednesday, 24 February 2021
पढ़ने न दिया
मन पढ़ने का हुआ पढ़ने न दिया,
मन पूछने का हुआ चुप कर दिया,
मन हुआ तुम सम होऊं
होने न दिया,
हे सुहृद! तुमने बड़ा उपकार किया।
@गौतमरामहेत
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