TATHAGAT
Tuesday, 4 October 2022
घोड़ा-गधा
ओढ़ा
अश्व की खाल
घुमा रहा था
ठाठ से।
पर
तब हुआ कमाल
लगा
रैंकने जब
गधा।।
घोड़ा
सरपट दौड़
सकता है
मैदान में,
मगर
पहाड़ पर तो
गधा ही
चढ़ सकता है।
ऐ आदमी!
मत आंक
गधे को कमतर,
हिमालय पर
चढ़ने का हुनर
घोड़े के पास नहीं है।
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