TATHAGAT
Saturday, 26 August 2023
भारत लाल!विघटन मेट दें रार छोड़ दें।
जो कुबेर हैं
वे धन बिखेर दें
रोग मेट दें।
जो विद्वान हैं
वे ज्ञान बिखेर दें
रात मेट दें।
जो सबल हैं
वे रक्षा बिखेर दें
भय मेट दें
उत्पादक जो
वे धान्य बिखेर दें
भूख मेट दें।
व्यसनी हैं जो
वे व्यसन छोड़ दें
नशा मेट दें।
भारत लाल!
विघटन मेट दें
रार छोड़ दें।
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