TATHAGAT
Sunday, 18 July 2021
बारिश धूप हवा और तुम
बारिश, धूप, हवा और तुम
जब -जब घातक नहीं होते
आलिंगन का मन होता है
अन्यथा बचके ही रहता हूॅं।
Newer Post
Older Post
Home