तुम लोहार कुम्हार हो।
बराबरी से जिओ तुम भी
शब्दब्रह्महेत्वन्नाधार हो।।rg
लड़ता था धृतराष्ट्र भी प्रतिपल मानस युद्ध।
लखा लोहिया भीम ने वह था कितना क्रुद्ध।tarashankar tripathi
अंधा था दिव्यांग मान सत्ता में भागीदारी दे देते।
अपनों को उनका हक न देने की दुर्बुद्धि हर लेते।rg